आजकल की जीवन शैली काफी भागम- भाग की है और इतनी व्यस्तताओं से भरी पड़ी है कि किशोरावस्था हो या फिर युवावस्था हो लोग अपनी सेहत का ध्यान नहीं देते हैं और यही वजह है कि आज लाइफ़स्टाइल बदल चुकी है।
इस समय इस वजह से उन्हें बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आज के लेख के माध्यम से हम जानेंगे कि किशोरों के लाइफस्टाइल में कैसे सुधारा जाए जिससे उन्हें अलग से ध्यान न रखना पड़े, किसी तरह की परेशानी न हो उन आसान उपायों को जानेंगे
किशोरावस्था में बहुत ही जरूरी हो जाता है बच्चों के उचित देखभाल क्योंकि यह वह समय होता है जिसमें बच्चे किशोर बालक बहुत संवेदनशील होते हैं और इस समय बहुत ही जरूरी हो जाता है कि बच्चों के ऊपर विशेष ध्यान दिया जाए।
अगर आपका बच्चा किशोर है तो जरूरी हो जाता है कि आप उसक विशेष ख्याल रखें साक्षी उसकी जो भी समस्याएं हैं उन समस्याओं को समझें यहां पर हम कुछ आसान टिप्स बताएंगे जिनको किशोरों को तो अपनाना चाहिए ही साथ में उनके माता- पिता को कौन सी टिप्स अपनाना चाहिए जिनके बच्चे किशोर हैं इस बारे में भी जानकारी देंगे।
Contents
1 किशोरावस्था और युवावस्था की समस्याएंओं के लिए यह आसान टिप्स अपनाएं kishoravastha ki samasyaon ke liye apanaye aasan 13 tips in Hindi
1.1 प्रकृति के नियमों का करें पालन Kishor prakriti ke niyam ka palan Karen in Hindi
1.2 आहार का रखें विशेष ध्यान aahar ka rakhen Vishesh dhayan in Hindi
1.3 डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों से बनाएं दूरी dibaba band khadya padarth hai nukasan dayak in Hindi
1.4 जंक फूड और फास्ट फूड का सेवन न करें kishoron ke liye junk food aur fast food hai nukasan dayak jane in Hindi
1.5 अमाशय को रखें फीट Amashay ko fit rakhen in Hindi
1. 6 करें नियमित व्यायाम kre niymit exercise in Hindi
1.7 किशोर अपनी शारीरिक सफाई पर दें ध्यान kishor apni sharirik safai pad dhayan den in Hindi
1.8 योग करें ईश्वर का ध्यान करें kishoron ke liye exercise hai sahayak in Hindi
1.9 पूरी नींद लें 6 se 8 ghante ki nind hai jaruri
1.10 किशोर स्वास्थ्य के नियमों का करें पालन kishor swasthya ke niyamo ka Karen palan
1.11 किशोरों को सुबह नियमित रूप से उठना चाहिए subah niyamit rup se uathe
1.12 पौष्टिक आहार का करें सेवन poostik aahar ka Karen Sevan in Hindi
1.13 किशोरों को अनुशासन का पालन करना चाहिए Anusasit rahana chaiye in Hindi
Final word
किशोरावस्था की आयु क्या है
किशोरावस्था की आयु बहुत उथल-पुथल पुथल रहती है 12 वर्ष से 19 वर्ष तक का समय किशोरावस्था के आयु कही जाती है।
किशोरावस्था और युवावस्था की समस्याएं के लिए यह आसान 13 टिप्स अपनाएं kishoravastha ki samasyaon ke liye apanaye aasan 13 tips in Hindi
किशोरावस्था की समस्याओं के लिए परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है उसके बहुत सारे आसान टिप्स है जिनको नीचे बताया गया है अगर यह टिप्स का किशोर पालन करते हैं तो निश्चित तौर पर जो स्वास्थ्य समस्याएं हैं, परेशानियां हैं, दूर हो जाएंगी।
आइए जानते हैं कि इन समस्याओं से किशोर कैसे बचे रह सकते हैं कौन से टिप्स हैं जिनको किशोरों को अपनाना चाहिए ताकि वह हेल्दी और प्रसन्न चित्त रह सकें।
असल में जो बीमारियां उन्हें घर कर रही हैं उनसे दूरी बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य के नियमों का पालन करना जरूरी है।
किशोरावस्था की समस्याओं का समाधान
1 प्रकृति के नियमों का करें पालन Kishor prakriti ke niyam ka palan Karen in Hindi
प्रकृति के नियमों का पालन करना जीवन शैली है जो बिना किसी झंझट के रोग का निदान करने में सक्षम है।
जो शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को भी बढ़ाता है ताकि शारीरिक व्याधियां न हो जिसमें हम स्वास्थ्य के नियमों का पालन करते हैं और समस्याओं से दूर रह सकते हैं।
2 आहार का रखें विशेष ध्यान aahar ka rakhen Vishesh dhyan in Hindi
खास तौर पर आज के समय में किशोरों में जो सबसे बड़ी लापरवाही देखी जाती है वह आहार को लेकर देखी जाती है।
क्योंकि किशोरावस्था में विभिन्न पोषक तत्व खनिज लवणों की जरूरत होती है।
उन्हें बार -बार भूख लगती है लेकिन किशोरों की सबसे बड़ी गलती यह होती है कि उन्हें घर का खाना नहीं पसंद आता है बाहर का खाना पसंद करते हैं और इसके दुष्प्रभाव से अपरिचित होते हैं।
3 डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों से बनाएं दूरी dibaba band khadya padarth hai nuksan dayak in Hindi
यह किशोरों के शरीर को बहुत ही ज्यादा हानि पहुंचाते हैं और साथ ही साथ किशोर अपने युवावस्था में ही कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ चुके होते है।
जबकि लोग यह तर्क देते हैं कि पैकेट में आने वाली जो खाद्य सामग्री होती है उसमें कीटाणु या गंदगी नहीं होती है।
तो फिर उसके लिए क्यों मना किया जाता है लेकिन यह भी सच नहीं है आपको बता दें कि डिब्बा खाद्य पदार्थों को सड़ने से बचाने के लिए किया गया उपाय खाद्य पदार्थ को काफी नुकसान पहुंचाते हैं।
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4 जंक फूड और फास्ट फूड का सेवन न करें Kishoron ke liye junk food aur fast food hai nukasan dayak jane in Hindi
किशोर अगर जंक फूड ,फास्ट फूड का सेवन कर रहे हैं घरों का खाना बना हुआ नहीं पसंद कर रहे हैं तो वह अपने लिए सिर्फ बीमारियों का न्योता दे रहे हैं।
असमय बुढ़ापे के शिकार हो रहे हैं इसके साथ ही पेट की खराबी की समस्या आती है जो कि रोग का मुख्य कारण बनता है। पाचन संबंधी विकार भी होने लगते हैं और खाने में अरूचि होने लगती है ऐसे में कुपोषण की समस्या भी हो सकती है।
इसलिए जंक फूड और अगर फास्ट फूड का सेवन कर रहे हैं तो उनसे जितना जल्दी हो सके दूरी बना लें।खूबसूरत पैकिंग में पैक जंक फूड किशोरों को बहुत पसंद आता है लेकिन इसके हानिकारक तत्वों से किशोर अपरिचित रहते हैं।
इसमें पोषक तत्वों की मात्रा बहुत कम होती है एक तरह से कहा जा सकता है कि किशोर इन पदार्थों को पसंद करके अपने स्वास्थ्य की नींव को ही कमजोर करते हैं।
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5 अमाशय को रखें फीट Amashay ko fit rkhe in Hindi
आपको बता दें कि जंक फूड और मैदा आधारित जो भी चीजें हैं वहां से और यह सेहत के लिए काफी खतरनाक होते हैं ।
इसलिए अगर अमाशय को फिट रखना है तो फास्ट फूड का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके सेवन से पेट में गैस बनने की भी समस्या हो जाती है जो कि हमें काफी तकलीफ देती है।
6 करें नियमित व्यायाम Karen niyamit exercise in Hindi
नियमित व्यायाम किशोरों के लिए बहुत ही जरूरी होता है। किशोरावस्था में होता है कि शरीर तेजी से बढ़ता है ऐसे में रक्त संचार और पाचन अच्छा होना बहुत जरूरी है।
हम जितना सेहत पर ध्यान देंगे उतना ही ठीक रहेंगे इसलिए किशोरों से व्यायाम करवाना चाहिए।
7 किशोर अपनी शारीरिक सफाई पर दें ध्यान Kishor apni saririk safai pad dhyan den in Hindi
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किशोरावस्था में अपने शारीरिक सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए, अन्यथा स्किन प्रॉब्लम होने की बहुत ज्यादा संभावना रहती है।
8 योग करें ईश्वर का ध्यान करें Best tips for teenajers problem in Hindi
किशोरावस्था में किशोरों को नियमित रूप से योग करना चाहिए। किशोरों को अपने इष्ट ईश्वर का ध्यान करना चाहिए जिससे उनका मन स्थिर रहता है।
9 किशोरावस्था की समस्याओं का समाधान पूरी नींद लें6 se 8 ghante ki nind hai jaruri in Hindi
दोकिशोरों को पूरी नींद लेना चाहिए कम से कम 6 से 8 घंटे की नींद किशोरों के लिए बहुत जरूरी है। अगर वह पूरी नींद नहीं लेंगे तो उनका ध्यान इधर-उधर भटकेगा।
इसलिए किशोरों के ऊपर खास ध्यान देना चाहिए कि वह पूरी नींद रहे हैं या नहीं सोने से पहले गाय का दूध पिएं। कम से कम 6 से 8 घंटे की नींद जरूरी है।
10 किशोर स्वास्थ्य के नियमों का करें kishor swasthya ke niyamon ka Karen palan
किशोरावस्था में बहुत सारे शारीरिक परिवर्तन आते हैं इन परिवर्तन के कारण खाने- पीने को लेकर के बहुत सारी समस्या आती है ।
बहुत से किशोर घर का खाना खाना पसंद ही नहीं करते हैं उन्हें बाहर का जंक फूड पसंद आता है जो कि उन्हें बीमारी की गिरफ्त में ले लेता है।
जिसके दुष्प्रभाव से वह अपरिचित रहते हैं ऐसे में बहुत जरूरी हो जाता है वह जो स्वास्थ्य के नियम हैं उन नियमों का पालन करें और अपने को स्वस्थ रखें।
इसी उम्र में लड़कियों के पीरियड शुरू हो जाते हैं अक्सर माताएं उन्हें उस दौरान विशिष्ट प्रकार के खानपान पर रोक लगाने को कहती है।
कुछ माताएं उन दिनों में दही को खाना सही नहीं मानती है। इसलिए लड़कियों को मना करती हैं कि वह दही का सेवन इस समय न करें।
होना यह चाहिए कि प्रयास करके आहार में अधिक ठंडे और अधिक गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों को शामिल नहीं करना चाहिए बाकी कैसा भी हो आहार ले सकते हैं। किशोरों को दूध और दही के साथ हरी सब्जियां ज्यादा लेना चाहिए।
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11 किशोरों को सुबह नियमित रूप से उठना चाहिए Subah niyamit rup se uthe in Hindi
किशोरों को सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए। सुबह उठने के बाद अपने दांतो की सफाई करना चाहिए।
खाली पेट पानी जरूर पीना चाहिए। अगर तांबे के बर्तन में रखकर के पानी पीते हैं तो और भी अच्छा होता है यानी कुल मिलाकर के स्वास्थ्य का पालन कर लेना चाहिए।
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12 पौष्टिक आहार का करें सेवन Poostik aahar ka karen sevan in Hindi
बाहरी खाद्य पदार्थों का सेवन न करें क्योंकि यह बीमार डाल सकते हैं जाने अनजाने में ऐसे बहुत सारे पदार्थ हैं जो कि बाहर जो कि बाहर हम खाते हैं और बीमार पड़ते हैं। इसलिए अपने भोजन में पौष्टिक आहार का सेवन करें।
13 किशोरों को अनुशासन का पालन करना चाहिए Anusasit rahana chahiye in Hindi
किशोरों को अनुशासन में रहना चाहिए अनुशासन बनाए रखना चाहिए घर पर हो या बाहर हो कहीं भी हो अनुशासन में उन्हें रहना चाहिए।
जहां तक हंसी-मजाक, मौज- मस्ती का बात आती है तो एक दायरे में रहकर के किशोर करें मर्यादा का भंग न करें।
अगर आप एक किशोर बच्चे के माता-पिता हैं या आपका बच्चा किशोरावस्था में जाने वाला है तो उन विशेष बातों का आपको ध्यान रखना होगा जिससे आप अपने किशोर बच्चे की उचित देखभाल कर सकेंगे तो आइए जानते हैंदद
किशोरावस्था की समस्याओं को समझें
किशोरों की समस्याओं का इलाज
किशोरों की व्यवहार संबंधी समस्याओं का समाधान
किशोरावस्था वह अवस्था होती है जिसमें एक किशोर को सहारे की जरूरत होती है क्योंकि इस समय उसके मानसिक और शारीरिक दोनों विकास बहुत तेजी से हो रहे होते हैं।
इस समय बच्चे अपने आप को संभाल नहीं पाते हैं और या उनको अपना जीवन बहुत समस्या ग्रस्त लगने लगता है वह काफी जोश में होते हैं उन्हें सही गलत का पता भी नहीं चलता है।
अगर आपका बच्चा किशोरावस्था की तरह बढ़ रहा है तो उसे आपको विशेष ध्यान देने की जरूरत है,ताकि वह गलत रास्ते पर न जा सके इसके लिए अपने आपको तैयार रखना पड़ेगा अपने आप को उसके अनुरूप ढालना पड़ेगा न कि उसके साथ कड़ाई से पेश आना होगा।
बल्कि उसके साथ आपको मित्रवत व्यवहार करना होगा और भी बहुत सारी समस्याएं हैं जिनका जिक्र हम आगे करेंगे।लेकिन यहां पर हम आपको कुछ टिप्स बताएंगे जिनको पालन करके एक अभिभावक को अपने बच्चों के जीवन को बेहतर बना सकें इसके लिए कुछ टिप्स हैं जिनका आपको फॉलोलं करना चाहिए
1 किशोरों की समस्याओं को दूर करने के लिए मित्रवत व्यवहार करें तोौ
आपका बच्चा किशोर है या किशोरावस्था की तरफ बढ़ रहा है तो आप जरूरी हो जाता है कि आप अपने बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करें।
क्योंकि किशोरों का मानसिक विकास तेजी से होता है और इस चीज को बिल्कुल भी नहीं समझ पाते हैं। क्या सही है, क्या गलत है।
इन सब बातों को समझना उनके लिए कठिन हो जाता है। लेकिन बहुत से माता-पिता उनके साथ कड़ाई से पालन करते हैं जो कि गलत है।
ऐसे में किशोर गलत कदम उठा लेते हैं इसलिए किशोरावस्था में अपने बच्चों की समस्याओं को समझें।
उनकी क्या समस्याएं हैं उनके साथ मित्रवत व्यवहार जब आप करेंगे तो वह अपनी समस्याओं को अपने साथ शेयर करेंगे
यही वजह है कि पहले जहां संयुक्त परिवार होते थे वहां पर दादा बाबा सभी रहते थे और उनका प्यार इनको मिलता था।वह उनकी समस्याओं को समझ पाते थे।
लेकिन जो मध्यम वर्ग के परिवार हैं एकल परिवार हैं वह इनकी समस्याओं को नहीं समझ पाते हैं।
कि एक किशोर किन समस्याओं से गुजर रहा होता है तो इसके लिए बहुत जरूरी हो जाता है कि आप उनके अच्छे दोस्त बनें।
2 किशोरों को जिम्मेदारियां दें
बच्चों को उनकी जिम्मेदारियां देनी चाहिए ताकि उन्हें अपनी जिम्मेदारी का एहसास हो सके उनके अंदर कार्यशैली बढ़ सके।
उन्हें ऐसा लग सके कि वह भी कार्यों को कर सकते हैं तो इसलिए छोटी-छोटी जिम्मेदारियां उनको देते रहिए।
उन्हें मौका दीजिए जैसे उनका दिमाग बढ़ता है, शरीर बढ़ रहा है वैसे उनको जिम्मेदारियों का एहसास भी कराना बहुत जरूरी हो जाता है।
अगर आप किशोरावस्था में ही जिम्मेदारियां नहीं देंगे तो आगे उनको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ जाता है।
वह आगे चलकर के अपनी जिम्मेदारियों को संभालने में पीछे रह जाते हैं और उन्हें अपना जिम्मेदारियों को संभालने में काफी कठिनाई होती है।
इसलिए जरूरी हो जाता है कि किशोरावस्था से ही उन्हें छोटे-छोटे जिम्मेदारियों को समझाने का एहसास कराना चाहिए।
3 किशोर बच्चों को सहयोग की है जरूरत
अगर आपका बच्चा किशोर है तो उसे सहयोग की जरूरत होती है कई परिस्थितियों में वह असहाय होता है, गलत सही का फैसला नहीं कर पाता है़
और यह वही समय होता है जब बच्चे दोस्तों का चुनाव कर लेते हैं और जो दोस्त बनाते हैं संयोग से वह दोस्त भी हम उम्र के होते हैं और वह बेतुकी सलाह भी देते हैं।
उनकी सलाह का असर यह होता है कि बच्चा गलत मार्गदर्शन में पड़ जाता है और बुरी संगत का शिकार हो जाता है।
गलत फैसले ले लेता है जिससे उनका जीवन आगे नर्क बन जाता है इसलिए बहुत जरूरी हो जाता है कि आप बच्चों से प्रेम से बातें करें।
मित्रवत व्यवहार करें और उनके जीवन का जो यह दौर होता है उस दौर में आप उन्हें सहयोग और प्रेम के साथ पेश आएं
जिससे कि वह आपको समझ सकें। अपनी बातों क्षंतं रख सकें।तभी किशोरों की समस्या का सही समाधान हो सकेगा।
4 उनको अपना जीवन जीने दें किशोरों के व्यवहार संबंधी समस्याओं का समाधान
किशोर बच्चों के ऊपर कभी भी अपने विचार न थोपें। उन्हें अपना जीवन जीने दें।
उनको अपने जीवन जीने का हक है अगर आप जबरदस्ती उनके ऊपर अधिकार जताएंगे तो उनको इस बात का एहसास होगा कि उन पर जबरदस्ती विचारों को थोपा जा रहा है
और इस बात को भी हजम नहीं कर पाएंगे और वहीं से रास्ते बच्चे गलत अपनाने लगते हैं।
इसलिए कोशिश यही करना चाहिए कि किशोरों पर अधिकार नहीं जमाएं उन्हें जिम्मेदारियों में शामिल करें उन्हें बातों में अपने साथ शामिल करें, उन्हें कार्यों में शामिल करें।जिससे उनका दिमाग कन्वर्ट होता रहे।
जो उनके दोस्त मित्र हैं उन पर भी आपको ध्यान देने की जरूरत है कि वह किन दोस्तों से बातें करते हैं,
कौन से दोस्त उनके हैं वह कहां जाते हैं, कब आते हैं, क्यों देर से आते हैं। इन सब चीजों को आपको देखना होगा तभी आपका बच्चा सही बन सकेगा, सही मार्ग पर जा सकेगा।
5 बच्चों के संगत का रखें ध्यान
किशोरावस्था में बच्चे बहुत ही संवेदनशील होते हैं और वजह है संवेदनशीलता की।
क्योंकि उनका शारीरिक और मानसिक विकास इतना तेजी से हो रहा होता है
इतना उथल-पुथल उनके दिमाग में चल रहा होता है कि वह गलत सही कुछ भी समझ पाने में असमर्थ होते हैं।
वह नहीं समझ पाते हैं कि वह जो कर रहे हैं क्या वह सही है या जो बड़े कह रहे हैं वह सही है।
अक्सर वह अपने अभिभावक का विरोध करते हैं तो इन सब बातों को समझते हुए आपको उनके संगत का भी ध्यान रखना होगा ताकि वह बुरी संगत में न पड़े।
अगर एक बार उनकी संगत बिगड़ जाती है तो उनका जीवन हमेशा के लिए नर्क में चला जाता है और आगे जीवन भर पछतावा के सिवा और कुछ भी नहीं रह जाता।
इसलिए बच्चों के दोस्तों पर भी ध्यान दें किन बच्चों के साथ इनका उठना बैठना है कौन से बच्चे आपके घर आते जाते हैं किन बच्चों से इनका मिलना जुलना है।
इन सब बातों को आप को ध्यान से देखना होगा तभी आपके बच्चे उचित मार्गदर्शन एक अच्छा इंसान बन सकेंगे।
इसलिए इसमें एक अभिभावक का रोल बहुत ही जरूरी हो जाता है कि वह किस तरह से अपने बच्चों को समय देते हैं।
और किस तरह से समय बिताते हैं उनके साथ ताकि उनके बच्चे अच्छे बन सके तो यह वो टिप्स है जिन को अमल में लाकर के अभिभावक अपने किशोर बच्चों को सही मार्गदर्शन कर सकते हैं एक
Final word
इस प्रकार आज के लेख के माध्यम से हमने जाना कि किशोर कैसे रह सकते हैं फीट, इस पर लिखा गया लेख किशोर कैसे रहें फिट आप लोगों को पसंद आया होगा। हम आगे भी इसी तरह के स्वास्थ्य वर्धक लेख आपके लिए लाते रहेंगे धन्यवाद।
Disclaimer
यह लेख आपकी जानकारी के लिए शेयर किया गया है आपसे निवेदन है कि कोई भी घरेलू उपचार अपनाने से पहले डॉक्टर से संपर्क करें धन्यवाद।
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